समर्पण - भावना और अंतत : भक्ति में रूपांतरित हो जाती है I पराभक्ति से मुक्ति फलित होती है I संक्षेप में बस यही है धर्म का मार्ग
सुबोध और सुगम हो और जिसके लिखने का ढंग ऐसा सीधा - सादा हो कि साधारण बुद्धिवाला मनुष्य ज्योतिर्विधा के महत्व को सरलता से हृदयगम कर सके l इसी उद्देश्य को दृष्टि में रखकर मैंने इस ग्रन्थ को संग्रह करने का प्रयास किया है l इस ग्रन्थ के संकलन में जहाँ बहुत से संस्कृत के प्रकाशित ग्रंथो का सहारा लिया गया है वहाँ ज्योतिर्विधा सम्बन्धी कई अप्राप्य और अप्रकाशित हस्तलिखित संस्कृत ग्रंथो की सहायता भी ली गई है l इस ग्रन्थ को सरल और सुबोध तथा उपादेय बनाने में ज्योतिर्विधा के धुरन्धर पंडितो का साहाय्य प्राप्त करने में अतुल धनराशि और समय व्यय करना पड़ा है l ग्रन्थ जितना महत्वपूर्ण है उसे उतना ही अधिक उपादेय बनाने की चेष्टा की गई है l शन की अन्य कृतियों की तरह पाठक 'ज्योतिष कौमुदी के इस प्रथम खंड से भी लाभान्वित होंगे
वे इनकी सहायता से अपनी समस्याओं को सुलझाकर सफल व्यक्ति बन सकते हैं।
this book provides a comprehensive guide to the principles of astrology
* The place of the Sun in the yogic discipline
Prem Kabootar [Hindi] Saint Mother Teresa [English] समर्पण - भावना और अंततPrem Kabootar [Hindi] By Manav Kaul Publisher: Hind Yugm Prem Kabootar is a charming, nostalgic, and emotionally rich Hindi book by celebrated author Manav Kaul, published by Hind Yugm. This collection captures the innocence, confusion, and wonder of first love, teenage memories, and the bittersweet beauty of growing up. With his signature poetic touch, Kaul turns everyday emotions into a literary experience that feels both personal and universal. The